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*बरसात में शवदाह स्थल बना परेशानी का सबब, पिकरी गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित! पढ़े पूरी खबर*

मुख्यालय से लगभग 13

किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत डोमाडीह (ब) के आश्रित ग्राम पिकरी के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। बरसात के मौसम में गांव की परेशानियां और बढ़ जाती हैं। सबसे बड़ी समस्या यहां के मुक्तिधाम की है, जहां शवदाह स्थल की स्थिति बेहद खराब है।

ग्रामीणों का कहना है कि मुक्तिधाम वर्षों पुराना है, लेकिन अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। यहां न तो छत है और न ही पक्का रास्ता। “बरसात के दिनों में शव को खुले में जलाना पड़ता है, लकड़ी और आग तक संभालना मुश्किल हो जाता है। यह हमारे लिए बड़ी समस्या है,” ग्रामीण एवं पंचों ने कहा

तालाब और स्कूल, किचन सेड, की हालत भी खस्ताहाल

गांव के तालाब में भी पचरी (सीढ़ीदार रास्ता) नहीं बनाई गई है। इससे लोगों को पानी भरने और स्नान करने में भारी दिक्कत होती है। पंचों ने कहा, “गांव में तालाब तो है, लेकिन बिना पचरी के उसका उपयोग करना खतरे से खाली नहीं है। कई बार लोग फिसलकर चोटिल हो चुके हैं।”

इसी तरह गांव का प्राथमिक स्कूल भी खस्ताहाल है। भवन जर्जर होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। “स्कूल में न तो बाउंड्री दीवार है और न ही किचन शेड सुरक्षित है। किचन शेड की छत कभी भी गिर सकती है,” ग्रामीणों ने चिंता जताई।

शासन-प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग

ग्रामीण एवं पंचों ने कहा, “गांव की समस्याओं को कई बार पंचायत और जनपद में उठाया गया, लेकिन अब तक किसी ने ध्यान नहीं दिया।” शासन-प्रशासन जल्द से जल्द कार्यवाही करे।”

गांव के ग्रामीणों- उत्तम प्रजापति, सादराम, मनोज, लखन, उमेश जायसवाल, गोविंद प्रजापति, नकुल जायसवाल, सोनसाय, रामजी, देवलाल जायसवाल, मनसुखा, सीताराम, राजेश, गोकुल, भीम और ओमप्रकाश ने भी सामूहिक रूप से मांग की है कि ग्राम पंचायत डोमाडीह ब एवं आश्रित ग्राम पिकरी गांव को बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रखा जाए।

सरपंच हिरमणि, रमेश जयसवाल ने कहा कि ग्राम पंचायत डोमाडीह ब एवं आश्रित ग्राम पिकरी गांव की समस्याओं के समाधान हेतु प्रस्ताव भेजा गया है, राशि मिलते ही काम शुरू किया जायेगा

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