छत्तीसगढ़सारंगढ़ बिलाईगढ़

इलेक्ट्रिक वाहनों का दुनिया में बड़ा क्रांति,अब धूप और हवा से चार्ज होगे वाहन

डॉ हेमसागर पटेल की पेटेंटेड तकनीक ने पेश किया भविष्य का समाधान

बरमकेला।गोबरसिंहा बरमकेला डॉ हेमसागर पटेल अतिथि व्याख्याता भूगोल वर्तमान में डॉ. शक्राजीत नायक शासकीय महाविद्यालय बरमकेला जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ में कार्यरत है। उन्होंने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती मांग और चार्जिंग स्टेशनों की कमी के बीच एक अद्‌भूतपूर्ण समाधान खोज निकाला है। उन्हेंने एक ऐसी प्रणाली विकसित की है जो सौर ऊर्जा (Solar) और पवन ऊर्जा (Wind Energy) के मेल से वाहन की बैटरी को चलते-फिरते या खडे हाने पर चार्ज कर सकती है। इस नवोन्मोषी तकनीक को भारत सरकार द्वारा अधिकारिक रूप से पेटेंट कर दिया गया है।

तकनीक की खासियत चार्जिंग स्टेशनों पर निर्भरता होगी खत्म

आमतौर पर इलेट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए बिजली और चार्जिंग स्टेशनों पर घंटो इंतजार करना पड़ता है लेकिन डॉ हेमसागर पटेल द्वारा विकसति प्रणाली निम्नानुसार है:-

हाइब्रिड पावर वाहन की बॉडी पर लगे विशेष चैनल और विंड टर्वाइन सिस्टम का उपयोग कर ऊर्जा पैदा करती है।

सफर के दौरान चार्जिग वाहन जब सड़क पर चलेगा, तब हवा के दबाव (Wind Pressure) से

बिजली बनेगी और धूप से सौर पैनल बैटरी को रिचार्ज करेंगे।

शून्य लागत: इससे वाहन चलाने का खर्च लगभग शून्य हो जाएगा क्योंकि यह प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित है।

यह पूरी तरह से कार्बन-मुक्त (Carbon-Free) है। यदि सरकार इस तकनीक को नीतिगत स्तर पर अपनाती है तो

1. पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता पूरी तरह खत्म हो सकती है।

2. राष्ट्रीय ग्रिड (Grid) पर बिजली का बोझ कम होगा।

3. आम आदमी के लिए इलेक्ट्रिक वाहन रखना बेहद सस्ता हो जाएगा।

डॉ हेमसागर पटेल का संदेश :-

“मेरा लक्ष्य भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। इस पेटेंटेड सिस्टम के जरिए हम विना किसी बाहरी प्लग-इन के लंबी दूरी तय कर सकते है। मैं सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों से अपील करता हूँ कि वे इस तकनीक को बड़े पैमाने पर लागू करने में सहयोग करें।

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