*गणेशोत्सव की गूंज : विघ्नहर्ता गणेश के स्वागत में गांव से लेकर शहर तक उमंग और उल्लास! पड़े पूरी खबर*

सारंगढ़-बिलाईगढ़। विघ्न विनाशक गणेश जी के आगमन की तैयारियों ने शहरों और गांवों में रौनक बढ़ा दी है। स्वर्गलोक से धरतीलोक पर बप्पा का आगमन मानकर भक्तजन पूरे हर्षोल्लास के साथ पंडाल और घर-आंगन सजा रहे हैं। गली-गली में रंग-बिरंगी झालरों और लाइटों से जगमगाते पंडाल भक्तिभाव का संदेश दे रहे हैं। ढोल-नगाड़ों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा है।
शास्त्रों में वर्णन है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत सबसे पहले विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा-अर्चना से होती है। इसी परंपरा को निभाते हुए गणेश चतुर्थी के अवसर पर भक्त अपने घरों और मोहल्लों में गणेश प्रतिमा स्थापित कर सुख-समृद्धि और मंगलकामना करते हैं।
गांवों में सजावट की धूम
गांवों में युवक मंडल और सामाजिक संगठन पंडालों की सजावट में जुटे हैं। कहीं थीम आधारित झांकियां तैयार की जा रही हैं तो कहीं पारंपरिक तरीके से मंडप सजाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन की गूंज से माहौल भक्तिमय हो चुका है।
शहरों में व्यापारी और समाज की भागीदारी
शहरों में व्यापारी वर्ग से लेकर सामाजिक संस्थाएं गणेशोत्सव को भव्य बनाने में लगे हुए हैं। मोहल्लों में प्रतिमाओं की स्थापना की तैयारी के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों की भी रूपरेखा बनाई जा रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग में उत्साह साफ झलक रहा है।
गणेश प्रतिमा लेने उमड़ी भीड़
इधर, गणेश प्रतिमाओं को लेकर बाजारों में जबरदस्त चहल-पहल देखी जा रही है। भक्त बड़ी संख्या में बाजार पहुंचकर अपनी-अपनी श्रद्धा और सुविधा अनुसार गणेश प्रतिमाएं खरीद रहे हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक बाजारों में रौनक बनी रही। अलग-अलग आकार और आभूषणों से सजी प्रतिमाएं श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। विक्रेताओं के अनुसार इस बार छोटे-बड़े हर तरह की प्रतिमाओं की अच्छी बिक्री हो रही है।
बाजारों में पूजन सामग्री और मिठाइयों की खपत
बाजारों में पूजन सामग्री, सजावटी सामान और मिठाई की दुकानों पर भी भीड़ नजर आई। महिलाएं पूजा की थाली और श्रृंगार सामग्री खरीदती दिखीं तो बच्चे सजावटी खिलौने और झंडियां लेने में व्यस्त नजर आए। गजक, लड्डू और मोदक की दुकानों पर भी ग्राहकों की अच्छी खासी भीड़ रही।
भक्तों में उल्लास का माहौल
भक्तों का मानना है कि बप्पा के आगमन से घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। कई श्रद्धालु मानते हैं कि गणेश उत्सव केवल धार्मिक आस्था का नहीं बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का पर्व भी है।