छत्तीसगढ़सारंगढ़ बिलाईगढ़

बिलाईगढ़ बेलटिकरी में खनिज तस्कर कर रहे बेखौफ अवैध उत्खनन बिलाईगढ़ SDM कार्यालय से तीन किमी दूर तस्करों का माफिया राज

15 एकड़ में अवैध खदान व उत्खनन प्रशासन और खनिज विभाग क्यों है मौन ?

पर्यावरण को छलनी कर रहा तस्करों का अवैध खनन

सारंगढ़ बिलाईगढ़ न्यूज़/ जिले के बिलाईगढ़ क्षेत्र अंतर्गत बेलटिकरी गांव में अवैध खनन का काला खेल खुलेआम जारी है। बिना किसी वैध अनुमति और खनन लीज के सैकड़ों एकड़ जमीन को बेरहमी से खोदकर पूरे इलाके को गहरी खदानों में तब्दील कर दिया गया है। अगर आपको खनिज तस्करों का माफिया राज देखना हो बिलाईगढ़ की बेलटीकरी क्षेत्र में देख सकते हैं। चुस्त दुरुस्त प्रशासनिक अधिकारियों के रहते हुए यह तस्कर इतने बेखौफ कैसे हैं यह एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है?

सूत्रों के मुताबिक इन अवैध खदानों की गहराई 100 से 150 फीट तक पहुंच चुकी है। दिन-रात पोकलेन मशीनों के जरिए धरती को छलनी किया जा रहा है, वहीं रोजाना सैकड़ों ट्रिप में पत्थरों का अवैध परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा अवैध कारोबार बिलाईगढ़ SDM कार्यालय से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर संचालित हो रहा है। इसके बावजूद न तो खनिज विभाग और न ही प्रशासन कोई ठोस कार्रवाही करता नजर आ रहा है। पर्यावरण जो दृष्टि डाले तो इस तरह के अवैध उपकरण से धूल के गुब्बारे और कई प्रकार की बीमारियों के साथ पर्यावरण सुरक्षा पर भी बड़े प्रशिक्षण खड़े हो रहे हैं। नियमों और कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय ग्रामीण लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन अब तक कार्रवाई शून्य है। इससे खनिज विभाग और प्रशासन की मिलीभगत के आरोप और भी मजबूत होते जा रहे हैं।

इस पूरे मामले पर कई बार जनप्रतिनिधियों ने ने शासन और प्रशासन पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा बेलटिकरी में जो अवैध खनन हो रहा है, वह सीधे-सीधे क्या शासन और प्रशासन की संरक्षण में फल-फूल रहा है। यदि प्रशासन ईमानदार होता तो SDM कार्यालय के इतने पास 15 एकड़ जमीन खोदने की हिम्मत कोई नहीं करता। यह जनता के साथ धोखा और प्राकृतिक संसाधनों की खुली लूट है। यदि जल्द कार्रवाही नहीं हुई तो जननेता आंदोलन करेगे और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करेगे।

बिलाईगढ़ बेल टिकरी में चल रहे अवैध उत्खनन को लेकर खनिज तस्करों के हौसले तो बुलंद है वहीं प्रशासन और खनिज विभाग की छुट्टी लोगों के समझ से परे है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button