NATIONAL

नाबालिग के गाड़ी चलाने पर कितने का होता है चालान पिता को हो सकती है जेल

Advertisement

आरटीओ जारी करने जा रहा है नए नियम. नाबालिग के गाड़ी चलाने पर पिता को कितना देना पड़ सकता है चालान और कितने साल तक की हो सकती है जेल. चलिए जानते हैं.

पुणे में इन दिनों एक मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. 19 मई की रात 2 से 2:30 के बजे बीच पुणे में एक नाबालिग ने अपनी लग्जरी कार पोर्शे से दो आइटी इंजीनियरों को कुचल दिया जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई है. आरोपी का उम्र 17 साल 8 महीने थी.

इसके चलते पुलिस ने इस एक्सीडेंट के केस में नाबालिग के पिता को गिरफ्तार किया है. फिलहाल केस की कार्रवाई और तहकीकात चल रही है. सरकारी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा 1 जून से नए नियम जारी किए जाने है. चलिए जानते है. नाबालिग के गाड़ी चलाने पर पिता को कितना देना होता है चालान और कितने साल तक की हो सकती है जेल.

25 हजार तक का होता है चालान
1 जून 2024 से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय यानी आरटीओ वाहनों के लिए नए नियमों को जारी करने जा रहा है. इन नए नियमों में आरटीओ द्वारा ड्राइविंग को लेकर चालान की राशि भी बढ़ा दी गई है. नए नियमों के मुताबिक अब अगर कोई नाबालिग यानी 18 साल से कम उम्र से कोई भी लड़का या लड़की गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाते हैं. तो फिर नाबालिग के पिता या फिर उसके गार्जियन पर 25 हजार रुपये तक का चालान किया जा सकता है.

3 साल तक की हो सकती है
नाबालिग के गाड़ी चलाने को लेकर आरटीओ द्वारा बनाए गए नए ड्राइविंग नियमों के तहत नाबालिग के पिता पर न सिर्फ 25 हजार रुपये तक का चालान किया जा सकता है. अगर ऐसे केस में किसी प्रकार की कोई दुर्घटना होती है. तो फिर पिता को जेल भी हो सकती है. जैस कि पुणे में पोर्श एक्सीडेंट मामले में हुआ है. जहां नाबालिग के पिता के पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. 

क्या है पुणे एक्सीडेंट मामला?

19 मई 2024 की देर रात पुणे के कल्याणी नगर इलाके में एक नाबालिग नशे में धुत होकर पोर्शे कार चला रहा था. नाबालिग ने अपनी कार से सड़क पर बाइक से जा रहे दो आईटी इंजीनियरों को टक्कर मार दी. एक्सीडेंट इतना भंयकर था कि उसमें दोनों आईटी इंजीनियरों की मौत हो गई.

पुणे पुलिस ने नाबालिग के खिलाफ IPC की धारा-304 और मोटर व्हीकल एक्ट की अन्य धाराओं के एफआईआर दर्ज की है. इसके साथ ही पुलिस ने नाबालिग के पिता के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 और 77 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है.

Advertisement
Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button