चूना पत्थर खदान के विरोध में ज्ञापन सौंपने के दरमियान कांग्रेसियों पर एफआईआर दर्ज

चेहरा देखकर तिलक लगाने का काम बंद करें पुलिस प्रशासन जनता का पुलिस से उठ जाएगा विश्वास
पहले जगह-जगह सेटिंग में बिक रहे अवैध शराब बिक्री और वसूली बंद करें प्रशाशन
केवल कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर दर्ज होना पुलिस प्रशासन का तानाशाही रवैया
पुलिस प्रशासन की तानाशाही और नियम विरुद्ध कार्यवाही
ज्ञापन सौपने में शामिल कांग्रेसियों को बनाया निशाना और भाजपा नेताओं को छोड़ा
झूठी कार्यवाही पर हर ब्लॉक और तहसील में होगा चक्का जाम – कांग्रेस
एक ही दिन 11 मिनट के अंतराल में एक गाड़ी का कटा दो बार चालान धन्य है पुलिस प्रशासन
सारंगढ़ बिलाईगढ़ न्यूज़/ सारंगढ़ नगर पालिका और कई ग्रामीण पंचायत क्षेत्र में चूना पत्थर खदान खोले जाने के बाद प्रभावित जनमानस में एक वृहद भेद का रूप लेते हुए शांतिपूर्ण ढंग से प्रशासन को ज्ञापन सौंपने निकली, जहां कांग्रेस, बसपा और भाजपा नेता भी शामिल थे। ग्रामीण जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौपा और बैरिकेड लांगकर साप्ताहिक बाजार के मुख्य सड़क तक पहुंच गए। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने भी उन्हें रोकने की कोशिश की अंततः सक्षम अधिकारी को ज्ञापन शॉप जनहित में तत्काल पहल करने की मांग की गई। वहीं दूसरे दिन कई कांग्रेसियों केकड़ी गाड़ियों के आरटीओ और पुलिस विभाग ने चालान काट दिया हद तो तब हो गई जब एक ही दिन में 11 मिनट समय अंतराल में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के टू व्हीलर गाड़ी का दो बार चालान काट दिया गया, जिसे लेकर अब कांग्रेसीयो के कोर्ट जाने की चर्चा है।
वहीं कई कांग्रेसियों के 5 से 7 हजार तक के टू व्हीलर फोर व्हीलर के चालान काटने की जानकारी मिली है।
अब तक इन नेताओं पर हुई है प्रकरण पंजीबद – विनोद भारद्वाज, घनश्याम मनहर, संजय दुबे, रमेश खूंटे, शुभम वाजपेई, राजीव सिंह एवं संजय तिवारी व अन्य।
कांग्रेस नेताओं पर एकतरफा कार्रवाही के बाद अब संगठन ने प्रशासन को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है यदि पुलिस विभाग अपनी मनमानी करता है और एक तरफा कार्यवाही करता है जो साफ प्रतीत हो रहा है नाम और चेहरे देखकर 5000रु तक गाड़ियों का चालान काटा जा रहा है। सारंगढ़ के शांत शहर को आसान सुविधा में बदलने का काम ना करें, कलेक्टर परिसर के अंदर तक ना तो कोई नेता गया और ना ही ग्रामीण और शहर की जनता लेकिन उस पर एफआईआर दर्ज करना एक झूठा प्रकरण साबित होता है क्योंकि जिला कलेक्टर में पर्याप्त कैमरे लगे हैं अन्य राजनीतिक संगठन जब आंदोलन करते हैं तब वह कैरेक्टर परिसर के अंदर तक घुस जाते हैं कई सामाजिक संगठन परिसर में घुसकर ज्ञापन तक सॉफ्टवेयर लेकिन उन पर अब तक कभी कोई ऐसी कार्यवाही नहीं हुई जिससे यह एक तरफा कार्यवाही प्रतीत होती है। ऐसी स्थिति में जनता की आवाज बनकर जनता की मांग को लेकर हक और अधिकार के लड़ाई को लेकर अब जमीन की लड़ाई लड़ने को संगठन तैयार है। अगर प्रशासन इस पर पहल नहीं करता है तो आने वाले समय में हर ब्लॉक हर तहसील और हर पंचायत में धरना आंदोलन और चक्का जाम जैसे आंदोलन करने पर कार्यकर्ता विवस होंगे, उसकी जवाबदारी प्रशासन की होगी।




