छत्तीसगढ़सारंगढ़ बिलाईगढ़

*हड़ताल स्थल पर महिलाओं ने मनाई तीज*



*संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का आंदोलन का नौवें दिन*

सारंगढ़, 26 अगस्त।
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत लगभग 16,000 कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले नौ दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के लगभग 190 स्वास्थ्यकर्मी भी इस आंदोलन में शामिल हैं।

हड़ताल स्थल पर महिलाओं अपने बच्चों परिवार के साथ पारंपरिक त्यौहार तीज मनाकर आंदोलन को और अधिक जीवंत बना दिया। मायके में परिवार के साथ मनाने वाला त्यौहार हड़ताल स्थल में मनाने मजबूर हुए। संविदा में पदस्थ पति–पत्नी में से श्रीमती सरिता दिनेश बरेठ ने तीज पर्व की अगुवाई की। उन्होंने उपस्थित साथियों को त्यौहार का महत्व बताया और कहा कि हम महिला अपने बच्चों के साथ यहाँ हैं जैसे हम भगवान से परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं, वैसे ही आज सरकार से भी नियमितीकरण और ग्रेड पे की मांग कर रहे हैं।

महिलाओं ने निर्जला उपवास रखते हुए सरकार से वचनबद्धता निभाने की अपील की। उन्होंने कहा –
“आमतौर पर तीज का व्रत हम मायके में मनाते हैं, लेकिन इस बार सरकार की उदासीनता ने हमें हड़ताल स्थल पर यह पर्व मनाने के लिए मजबूर कर दिया। मोदी जी की गारंटी पूरी हो, इसके लिए भगवान सरकार को सद्बुद्धि दे।”

स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित

लगातार हड़ताल से जिला और राज्यभर में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति गंभीर बनी हुई है। स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को भटकना पड़ रहा है और कई कार्यक्रम ठप पड़ गए हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने 100 दिन के भीतर नियमितीकरण पर कमेटी गठन का वादा किया था, लेकिन 20 महीने बीत जाने के बाद भी कोई आदेश जारी नहीं हुआ।

जिला अध्यक्ष का बयान

जिला अध्यक्ष योगेश्वर चन्द्रम ने कहा –
“सरकार जिद छोड़कर नियमितीकरण का रास्ता निकाले। जनता इलाज के लिए भटक रही है। झूठे वादों को जनता अब स्वीकार नहीं करेगी।”

महिलाओं की मजबूत मौजूदगी

हड़ताल स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाएँ शामिल रहीं। इनमें गिरिजा लहरे, सुनिता निराला, सरिता बरेठ, विनीता पटेल, कुमारी साहू, नीमा, प्रीति, पूजा सिदार, जाग्रति, भूमिका, भुवनेश्वरी, तारा, पुष्पा, टेककुमारी, ईशा, लक्ष्मीन, राधा, होसकुमारी, मीना, ममता, दिव्या, रश्मि, वंदना, नेहा, प्रियंका, पूजा जायसवाल, पूजा पटेल, रजनी, हेमलता, कौशल्या, नम्रता, डॉ. बबिता, रितु, कल्पना, गीतांजलि, पल्लवी सहित करीब 60 महिला स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थीं।

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