सारंगढ़ बिलाईगढ़

विश्व आदिवासी दिवस पर सारंगढ़ में गूंजा ‘जय जोहार’

विशाल रैली और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से आदिवासीमय हुआ सारंगढ़ अंचल

सारंगढ़ बिलाईगढ़ न्यूज़/सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के मंडी परिसर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान आदिवासी समाज द्वारा एक विशाल रैली निकाली गई, जिसने पूरे नगर को आदिवासी संस्कृति के रंगों में रंग दिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने समाज की समृद्ध परंपरा, गौरवशाली इतिहास और महापुरुषों के योगदान को याद करते हुए सामाजिक एकता और विकास का संदेश दिया।

महापुरुषों को नमन व साहित्य का विमोचन –
कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, वीर गेंद सिंह और महारानी दुर्गावती जैसे महान आदिवासी जननायकों के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलित कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और गौरवगाथा को दर्शाने वाली विशेष पुस्तक एवं पारंपरिक कैलेंडर का विमोचन किया गया। उपस्थित जनसमुदाय ने इसे नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने की एक सराहनीय पहल बताया।

जनप्रतिनिधियों के प्रमुख विचार –
संजय भूषण पांडेय (अध्यक्ष, जिला पंचायत):- “जल, जंगल और जमीन के हमारे भोले-भाले आदिवासी ही इसके सच्चे प्रहरी हैं। आदिवासी संस्कृति हमारी समृद्ध विरासत है। आज के समय में शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और सामाजिक एकता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।”

श्रीमती पदमा मनहर (पूर्व विधायक):- “आदिवासी समाज हमारी सभ्य संस्कृति और पर्यावरण का रक्षक है। अपनी समृद्ध परंपरा और गौरवशाली इतिहास के कारण ही इन्हें प्रकृति का मूल निवासी कहा जाता है।”

अजय बंजारे (अध्यक्ष प्रतिनिधि, नगर पालिका):- “प्रकृति की गोद में पले-बढ़े आदिवासी समाज के लोग प्रकृति की विविधता को सबसे गहराई से समझते हैं। यह समाज अत्यंत व्यावहारिक, शांत और शांतिप्रिय है।”

ताराचंद देवांगन (जिला अध्यक्ष):- “आदिवासी समाज हमारी सदियों पुरानी सभ्यता और संस्कृति की मूल धरोहर है।”

पारंपरिक वेशभूषा और नृत्य से सजी विशाल रैली – समारोह के दौरान निकाली गई विशाल रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई मंडी परिसर पहुंची। पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे पुरुषों और महिलाओं ने मांदर की थाप, पारंपरिक गायन-वादन और नृत्य से सभी का मन मोह लिया। हाथों में तीर-कमान लिए युवाओं की प्रस्तुति और सांस्कृतिक छटा की पूरे अंचल में सराहना की गई।

एकता का संकल्प और आभार प्रदर्शन –
पूरा परिसर “जय जोहार, जय आदिवासी” के नारों से गुंजायमान रहा। उपस्थित लोगों ने आदिवासी संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में समाज के अध्यक्ष रामनाथ सिदार, जप उपाध्यक्ष चंद्र कुमार नेताम, कमल सिदार, सहदेव सिदार सहित जनप्रतिनिधि विनोद भारद्वाज जिला पंचायत सदस्य, राजू सिंह ठाकुर जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि, भुवन मिश्रा,समीर सिंह ठाकुर,वीरेंद्र निराला,मनोज मिश्रा, घनश्याम मनहर, सूरज तिवारी, अरुण मालाकार, गोल्डी नायक संपादक, दुर्गा ठाकुर, लैलून भारद्वाज, फकीरा यादव, मनोज मिश्रा, समीर सिंह ठाकुर वीरेंद्र निराला, रमेश अनंत एक्का जी,सतीश शर्मा तेजराम भगतू नेताम, सागर एवं बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, मातृशक्ति और युवा उपस्थित रहे।

अंत में नगर पालिका उपाध्यक्ष एवं समाज के वरिष्ठ रामनाथ सिदार ने उपस्थित अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, मीडियाकर्मियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

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