धरना के दबाव में झुका प्रशासन, सरिया चौहान पारा का बंद स्कूल दोबारा खुला

चौहान समाज और ग्रामीणों के संघर्ष के आगे प्रशासन ने मानी मांग, शिक्षा विभाग ने स्कूल संचालन किया बहाल
धरना के दबाव में हरकत में आया प्रशासन, शिक्षा विभाग ने खोला स्कूल का ताला
सारंगढ़/बरमकेला। अंतरराज्यीय हाईवे से सटे सरिया चौहान पारा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला, जिसे कुछ समय पूर्व “युक्तिकरण” नीति के तहत बंद कर दिया गया था, अब पुनः पूर्ववत रूप से चालू कर दिया गया है। स्कूल खोलने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्षरत ग्रामीणों और चौहान समाज के पदाधिकारियों ने आखिरकार 8 जुलाई को एक दिवसीय धरना देकर शासन-प्रशासन को झुकने पर मजबूर कर दिया।
स्कूल प्रांगण के पास हुआ शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन, शिक्षा विभाग मौके पर पहुंचा
शासन की ढुलमुल नीति और मांगों की अनदेखी से क्षुब्ध समाज व ग्रामीणों ने विद्यालय परिसर के समीप एक दिवसीय धरना देकर अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन की खबर लगते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और स्कूल का ताला खोलकर संचालन पुनः शुरू करने की घोषणा की।
42 वर्षों से संचालित विद्यालय के बंद होने से ग्रामीण थे दुखी
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह स्कूल लगभग 42 वर्षों से संचालित था और यहां अधिकांश बच्चे अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं। चौहान समाज के चंद्रशेखर चौहान ने कहा कि स्कूल बंद होने के बाद बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी और गांव के लोग लगातार प्रशासन से गुहार लगा रहे थे, लेकिन परिणाम शून्य रहा। धरना के बाद जब स्कूल फिर से खुला तो पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
थाना प्रभारी ने संभाली सुरक्षा, धरना रहा पूरी तरह शांतिपूर्ण
धरना स्थल पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरिया जीथाना प्रभारी प्रमोद यादव अपनी टीम के साथ सुबह से ही मौजूद रहे। उन्होंने पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ स्थिति को नियंत्रित रखा।
ग्रामीणों और समाजजनों की भारी उपस्थिति
धरना में चौहान समाज के जिला कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल बाघे, ब्लॉक अध्यक्ष विशिकेशन चौहान, पार्षद राजेश चौहान सहित राजू चौहान, धर्मेंद्र चौहान, किशोर नंद, आंनद राम चौहान, बलराम चौहान, आशीष चौहान, महेन्द्र चौहान, सुदर्शन चौहान समेत सैकड़ों ग्रामीण व महिलाएं शामिल रहीं।