इतिहास को “काला दिन” बताने वाले भाजपा वर्तमान पर भी दे जवाब: बाघे

सारंगढ़। भाजपा द्वारा 25 जून को “काला दिन” के रूप में मनाए जाने के बाद जिले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गोपाल बाघे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार अपने कार्यकाल की उपलब्धियां बताने के बजाय देश के इतिहास और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल पर सवाल उठाने का प्रयास कर रही है।
बाघे ने कहा कि इंदिरा गांधी देश की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री थीं, जिन्होंने लगभग 16 वर्षों तक देश का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में भारत ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारत की ऐतिहासिक जीत हुई,
उन्होंने कहा कि वर्ष 1969 में 14 प्रमुख बैंकों के राष्ट्रीयकरण से ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हुआ और गरीब वर्ग को लाभ मिला। हरित क्रांति के माध्यम से देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बना। वर्ष 1974 में पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण कर भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की।
बाघे ने बताया कि “गरीबी हटाओ” नारे के साथ कई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की गईं और वर्ष 1971 में प्रिवी पर्स समाप्त कर रियासतों के विशेषाधिकार खत्म किए गए। साथ ही इंदिरा गांधी नहर परियोजना एवं बड़े बांधों के निर्माण से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ, जिससे किसानों को लाभ मिला।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार को इतिहास पर टिप्पणी करने के बजाय अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। बाघे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में जनता विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है। नोटबंदी, कोरोना काल, पेट्रोल-डीजल की किल्लत के दौरान लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार की विफलताओं के कारण पुलवामा जैसी आतंकी घटनाओं में देश के जवानों को शहादत देनी पड़ी। वहीं नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं से छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ और कई छात्रों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।
बाघे ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए इतिहास को “काला दिन” बताकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।




