साय कैबिनेट का विस्तार कल; राजभवन में 3 नए कैबिनेट मंत्री लेंगे शपथ, गजेंद्र, राजेश, खुशवंत साहेब लेंगे मंत्री पद की शपथ

रायपुर। इंतजार की घड़ियां खत्म होने वाली हैं। जल्द ही छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल का विस्तार होने वाला है। बुधवार को साय कैबिनेट का विस्तार होगा। सीएम विष्णुदेव साय ने इस संबंध में पहले ही संकेत दिये थे। वहीं बीजेपी हाईकमान से भी हरी झंडी मिल चुकी है। ऐसे में प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शपथ ग्रहण समारोह के लिए छत्तीसगढ़ मंडपम में तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंत्रियों के लिये सरकारी गैरेज में नई कारें सजकर तैयार हैं।
सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा है कि 21 अगस्त से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। तीन नये मंत्री बनाये जा सकते हैं। साय मंत्रिमंडल का विस्तार करीब-करीब तय हो गया है। दुर्ग संभाग से दुर्ग विधायक विधायक गजेंद्र यादव, सरगुजा संभाग से अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और रायपुर संभाग से आरंग विधायक और सतनामी समाज के गुरु खुशवंत साहेब नए मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
हाल ही में सीएम साय ने मीडिया से चर्चा में कहा था कि इंतजार करिए, जल्द ही विस्तार होगा। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार उनके विदेश दौरे से पहले भी हो भी सकता है। सीएम साय 22 अगस्त से पहले विदेश दौरे पर जा रहे हैं। बता दें कि सीएम साय ने हाल ही में दिल्ली से आने के बाद संकेत दिया था कि इंतजार खत्म होने वाला है।
सरगुजा संभाग से अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल
रायपुर संभाग से आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। बड़ी बात ये है कि ये तीनों विधायक कभी भी मंत्री नहीं रहे हैं। पहली बार मंत्री बन सकते हैं।
फेरबदल हुआ तो ये नाम भी संभावित
यदि उपरोक्त नामों में कुछ फेरबदल हुआ तो अमर अग्रवाल बिलासपुर संभाग से, राजेश मूणत रायपुर संभाग से, अजय चंद्राकर रायपुर संभाग से, किरण सिंहदेव बस्तर संभाग से नये मंत्री हो बन सकते हैं।
हरियाणा की तर्ज पर हो सकता है साय कैबिनेट का विस्तार
हरियाणा की विधानसभा में भी 90 विधायक हैं। हरियाणा में बीजेपी सरकार में मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री हैं। लिहाजा, हरियाणा के फॉर्मूले को छत्तीसगढ़ में भी लागू करते हुए 3 और मंत्री बनाए जा सकते हैं। हालांकि, छत्तीसगढ़ में राज्य बनने के बाद से 13 मंत्री ही बनते आए हैं, जबकि नियम के तहत विधयकों की संख्या के 15 प्रतिशत ही मंत्री बन सकते है। इस नियम के तहत 90 विधायकों में 1315 मंत्री बन सकते हैं। इसलिए मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री भी हो सकते हैं।