सेवा सुरक्षा के मुद्दे पर बिना स्कूल बंद किए शिक्षक साझा मंच ने निकाली रैली, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 22 अगस्त 2026।
शिक्षक साझा मंच के आह्वान पर शनिवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता, सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता, वेतन विसंगति सहित विभिन्न शिक्षक समस्याओं को लेकर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के तीनों विकासखंडों में एक साथ धरना-प्रदर्शन, रैली एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षकों ने ब्लॉक मुख्यालयों में रैली निकालकर मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की।

इस आंदोलन की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि शिक्षकों ने अपने अधिकारों के लिए आवाज भी बुलंद की और विद्यालयों में पढ़ाई भी बाधित नहीं होने दी। शिक्षक साझा मंच के जिलाध्यक्ष संकीर्तन नंद ने इसे आंदोलन की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि शिक्षकों ने यह संदेश दिया है कि वे अपनी सेवा सुरक्षा और अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से लड़ते हुए विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं शिक्षा व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी पूरी तरह निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक अपनी जायज मांगों को लेकर लगातार शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने 29 अगस्त को प्रस्तावित जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शिक्षकों से शामिल होने की अपील की।
बारिश के बीच भी नहीं डिगा शिक्षकों का उत्साह
जिले के विभिन्न विकासखंडों में आंदोलन को लेकर शिक्षकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बिलाईगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में बारिश के बीच भी शिक्षक रैली में डटे रहे। खराब मौसम भी शिक्षकों के उत्साह और एकजुटता को कम नहीं कर सका।
रैली के दौरान शिक्षकों ने TET की अनिवार्यता से प्रभावित शिक्षकों को सेवा सुरक्षा देने, वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति, सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने तथा पूर्व सेवा की गणना सहित विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार नारे लगाए और शासन का ध्यान आकृष्ट कराया।
विभिन्न संगठनों का मिला समर्थन
कार्यकारी जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश भारद्वाज, लूकेश्वर प्रसाद साहू, जिला सचिव सूरज कुमार सारथी, संजय मिश्रा एवं देवकी चौहान ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से अपनी सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य को लेकर चिंतित हैं। अब शिक्षक अपनी समस्याओं को लेकर मुखर होकर शासन के सामने अपनी बात रख रहे हैं। 22 अगस्त का आंदोलन इस बात का संकेत है कि शिक्षक अपनी जायज मांगों के समाधान के लिए संगठित होकर आगे की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
वहीं प्रदेश महामंत्री मनीष डडसेना एवं प्रदेश संयुक्त सचिव बुधनी अजय ने संयुक्त रूप से कहा कि शिक्षकों का आंदोलन किसी व्यवस्था को बाधित करने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था को न्यायपूर्ण बनाने और शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है। प्रदेश के 146 विकासखंडों में एक साथ हुए कार्यक्रम को उन्होंने शिक्षक एकता और संगठनात्मक शक्ति का व्यापक प्रदर्शन बताया।
ब्लॉक अध्यक्ष सतीश चौहान, सरयूकांत बंजारे एवं पवन पटेल ने शासन से मांग की कि शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि प्रदेश के हजारों शिक्षकों एवं उनके परिवारों के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो सके।
शिक्षक साझा मंच ने स्पष्ट किया है कि सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता, TET एवं शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान तक संघर्ष लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा




