धरती आबा अभियान से प्रत्येक ग्रामसभा को मिलेंगे 15 लाख रुपए

कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सारंगढ़ में 10 अगस्त तक प्रस्ताव आमंत्रित
सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन के लिए बनेगी विशेष योजना
सारंगढ़ बिलाईगढ़।अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सरकार धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रदेश के 160 ग्रामों का चयन करेगी। निर्धारित प्रपत्र में दस्तावेज के साथ 10 अगस्त 2026 तक कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कोसीर रोड सारंगढ़ में जमा किया जाना है। इन ग्रामों में सामुदायिक वन संसाधन (सीएफआर) के संरक्षण, संवर्धन और प्रबंधन के लिए सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन योजना (सीएफआरएमपी) तैयार कर लागू की जाएगी। इस सम्बन्ध में आदिम जाति विभाग द्वारा कलेक्टरों को पत्र जारी किया गया है।
अभियान के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामसभा को सामुदायिक वन संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए 15 लाख रुपए की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। योजना के तहत प्रत्येक चयनित ग्रामसभा में सामुदायिक संसाधन प्रबंधन समिति का गठन किया जाएगा, जो ग्रामसभा के वन माध्यम से योजना के क्रियान्वयन और संचालन की जिम्मेदारी निभाएगी। इसके लिए ग्रामसभा के नाम पर राष्ट्रीयकृत बैंक में सिंगल करंट अकाउंट भी खोला गया है। पत्र के माध्यम से कहा गया है कि राज्य सरकार ने जिलों से ऐसे आदिवासी गांवों का चयन क्लस्टर आधारित और परस्पर जुड़े क्षेत्र के आधार पर प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं, ताकि योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
सहयोगी संस्थाओं की लेंगे सेवा
आयुक्त डी राहुल वेंकट द्वारा राज्य के सभी कलेक्टर को जारी पत्र में कहा गया है कि योजना के प्रभावी संचालन के लिए राज्य सरकार तकनीकी सहयोगी, सिविल सोसायटी संगठनों तथा स्थानीय संस्थाओं की सेवाएं भी ले सकेंगी। इन संस्थाओं की सेवाएं ग्रामसभा के प्रस्ताव एवं विधिवत अनुमोदन के बाद ली जा सकेंगी। ये संस्थाएं ग्रामसभा को सामुदायिक वन संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन योजना तैयार करने, उसके क्रियान्वयन तथा निगरानी में सहयोग देंगी।




