रायगढ़ में खाद संकट से गुस्साए किसान, 7 गांवों के 150 से ज्यादा किसानों ने किया चक्काजाम

खाद नहीं मिली तो किसानों ने रोका रास्ता, उमेश पटेल पहुंचे समर्थन में
समस्या नहीं सुलझी तो बड़ा आंदोलन करेंगे किसान
रायगढ़ जिले में खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों का गुस्सा आखिरकार सड़कों पर फूट पड़ा। मंगलवार को जिले के 7 गांवों से जुटे 150 से अधिक किसानों ने चक्काजाम कर दिया, जिससे मुख्य मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। किसान हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे।
धान की बुवाई का समय, लेकिन खाद गायब
किसानों का कहना है कि धान की बुवाई का समय निकलता जा रहा है, लेकिन समितियों और दुकानों में खाद नहीं मिल रही। मजबूरी में उन्हें निजी व्यापारियों से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। कई किसानों ने बताया कि वे लगातार खाद के लिए भटक रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं मिला है।
पूर्व मंत्री उमेश पटेल पहुंचे किसानों के बीच
प्रदर्शन को राजनीतिक हवा तब मिली जब पूर्व मंत्री उमेश पटेल किसानों के समर्थन में मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा—
“सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन हो चुकी है। खाद की कालाबाजारी रोकना और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।”
प्रशासन के समझाने के बाद भी नहीं माने किसान
प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अडिग रहे। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
खरीफ सीजन पर खतरा, किसानों में नाराज़गी
यह घटना उस समय हुई है जब खरीफ फसलों की बुवाई जोरों पर है। खाद की कमी से उत्पादन प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है। इससे किसानों के बीच गहरा असंतोष फैलता जा रहा है, जो शासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।