जिले में एक सप्ताह तक यातायात सेल द्वारा विशेष यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया।

▶️ 24 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक संचालित इस अभियान में नियमों की अनदेखी करने वालों पर 11 प्रकरणों में 5000 से अधिक की चालानी कार्रवाई की गई।
▶️ बस चालकों के स्वास्थ्य परीक्षण से लेकर उनके दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई।
▶️ मानकों पर खरे न उतरने वाले वाहनों को तत्काल ठीक कराने के कड़े निर्देश दिए गए।
पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार और पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरेन्द्र पटेल के मार्गदर्शन में, जिले में स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करने के लिए यातायात सेल द्वारा विशेष जागरूकता एवं चेकिंग अभियान चलाया गया। दिनांक 24 अक्टूबर 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक चले इस एक सप्ताह के विशेष अभियान के दौरान जिले के विभिन्न निजी विद्यालयों में स्कूली बसों, वैन और ऑटो के सुरक्षा मानकों की सघन जांच की गई।
अभियान के तहत यातायात सेल की टीमों ने एपीएस स्कूल, मोना मॉडर्न स्कूल, अशोका पब्लिक स्कूल, सीपीएम स्कूल और भारतमाता साल्हर स्कूल सहित जिले के कई अन्य प्रमुख निजी विद्यालयों का दौरा किया। इस दौरान स्कूल परिसरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली, लाइट, और इमरजेंसी मेडिकल व्यवस्था का निरीक्षण करने के साथ-साथ बुनियादी सुरक्षा सुविधाओं को लेकर स्कूल प्रबंधन को आवश्यक और कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।
*सड़क हादसों में आई 20% की उल्लेखनीय कमी*
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में यातायात जागरूकता और सतत मॉनिटरिंग के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले वर्ष 1 जनवरी से 31 अक्टूबर तक 2025 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 239 दर्ज की गई थी, जिसमें मृतकों की संख्या 120 थी और घायल 119 थे। वहीं इस वर्ष 31 अक्टूबर 2026 में जिले के भीतर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 289 और दुर्घटनाजनित मृत्यु की संख्या 96 रही, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। यातायात सेल के निरंतर जागरूकता अभियान का ही यह नतीजा है कि यह सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
*बस चालकों के स्वास्थ्य परीक्षण से लेकर दस्तावेजों की बारीकी से जांच*
नियमों की अनदेखी करने और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखने वाले चालकों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने बसों के दस्तावेजों, ड्राइविंग लाइसेंस और चालकों के आपराधिक रिकॉर्ड का गहन सत्यापन किया। अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों पर इन एक सप्ताह में 11 प्रकरणों में 5000 से अधिक की चालानी कार्रवाई की गई। वहीं एनएच और एसए के किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े और ढाबा-होटल के किनारे जाम लगाने वाले मामलों में कुल 22 प्रकरण दर्ज कर 6600 रुपये की चालानी कार्रवाई की गई और स्कूल वाहन चालकों को समय रहते सभी कमियों को दूर करने के कड़े निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही, अभियान के दायरे में लगभग 10 स्कूलों के करीब 500 बच्चों को यातायात नियमों की प्रत्यक्ष जानकारी दी गई। इस दौरान बच्चों को वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, ओवरस्पीड से बचने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की विशेष समझाइश दी गई। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित नाबालिगों और उनके अभिभावकों को भी कड़ी चेतावनी व परामर्श दिया गया।
*सारंगढ़ बिलाईगढ़ पुलिस की अपील*
जिला पुलिस प्रशासन सभी अभिभावकों से अनुरोध करता है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन बिल्कुल न चलाने दें। स्कूल वाहन चालक भी निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करें और सभी वैध दस्तावेज हमेशा अपने साथ रखें। इसके साथ ही सभी विद्यालय प्रबंधनों से भी आग्रह है कि वे स्कूल बसों और वाहनों के फिटनेस, परमिट व ड्राइवरों के सत्यापन समय-समय पर स्वयं सुनिश्चित करें ताकि बच्चों की यात्रा पूर्णतःसुरक्षित हो सके।
(Bite)
इस संबंध में यातायात सेल प्रभारी *जितेन्द्र कुमार चंद्रा* ने बताया कि जिले में संचालित सभी स्कूल प्रबंधनों से समन्वय स्थापित कर तकनीकी खराबी वाले वाहनों और वैन को तत्काल ठीक कराने तथा तय मानकों के अनुसार ही उनका संचालन करने के निर्देश दिए गए हैं। आगामी माह में इस अभियान को और अधिक तेजी से संचालित किया जाएगा, क्योंकि बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।




