पशुओं के प्रति क्रूरता रोकने और निराश्रित मवेशियों के प्रबंधन के लिए प्रभावी कदम उठाएं : कलेक्टर

कलेक्टर ने जिला स्तरीय पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक में की समीक्षा
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, घायल पशुओं के उपचार और पशु संरक्षण के लिए विभागीय समन्वय के निर्देश
सारंगढ़–बिलाईगढ़, 16 अक्टूबर 2026। जिले में पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम, निराश्रित मवेशियों के समुचित प्रबंधन और पशु कल्याण से जुड़ी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने शुक्रवार को आयोजित जिला स्तरीय पशु क्रूरता निवारण समिति (एसपीसीए) की बैठक में पशु संरक्षण, घायल एवं बीमार पशुओं के उपचार, पशु परिवहन तथा सड़कों पर विचरण करने वाले बेसहारा मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम की समीक्षा की।
कलेक्टर ने कहा कि पशुओं के प्रति क्रूरता, मारपीट एवं अमानवीय व्यवहार की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर विचरण करने वाले निराश्रित मवेशियों के कारण उत्पन्न यातायात संबंधी समस्याओं तथा दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए स्थानीय निकायों और पशुधन विकास विभाग को आवश्यक प्रबंधन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ पशुओं का संरक्षण भी महत्वपूर्ण है। इसके लिए संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन करें।
बैठक में घायल, बीमार एवं सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावित पशुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने पशु चिकित्सा विभाग को उपचार संबंधी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस, वन विभाग एवं स्थानीय निकायों के सहयोग से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं के परिवहन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन कराने और उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने वन्यजीवों के संरक्षण एवं उपचार से संबंधित मामलों में वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। नगरीय क्षेत्रों में निराश्रित पशुओं के प्रबंधन, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता तथा यातायात सुरक्षा को लेकर नगर निकायों की भूमिका पर भी चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को पशु कल्याण से जुड़ी समस्याओं का समय पर निराकरण करने तथा आवश्यकतानुसार संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में पशुओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए जनजागरूकता कार्यक्रमों पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर श्रीमती साहू ने शिक्षा विभाग एवं संबंधित संस्थाओं के सहयोग से विद्यालयों तथा आम नागरिकों के बीच पशु संरक्षण, देखभाल और क्रूरता की रोकथाम के संबंध में जागरूकता बढ़ाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पशु कल्याण केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पुलिस, वन, नगरीय निकाय, शिक्षा और पशु चिकित्सा विभाग के समन्वित प्रयासों से ही प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
बैठक में उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, पुलिस विभाग के उप पुलिस अधीक्षक, वन विभाग के वन परिक्षेत्र अधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, गौसेवा आयोग के जिला अध्यक्ष सहित पशुधन विकास विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।




