सारंगढ़ बिलाईगढ़

प्रसव के दौरान 1 भी मातृ और शिशु की मृत्यु नहीं होनी चाहिए : कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू

कलेक्टर ने की स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के योजनाओं व कार्यक्रमों की समीक्षा

बच्चों को फैलने वाले रोगों के मरीजों से दूर रखने पालकों को समझाने के निर्देश

टीबी और कुष्ठ मुक्त जिला बनाने के लिए बेहतर प्लान के साथ कार्य करने के निर्देश

सारंगढ़ बिलाईगढ़, 6 अगस्त 2026/कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने अप्रैल से जुलाई तक की स्थिति में स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों का योजनावार, ब्लॉकवार डेटा की जानकारी लेकर सयुंक्त समीक्षा किया। बैठक में डिप्टी कलेक्टर वर्षा बंसल, ऋचा सिंह, सीएमएचओ, सिविल सर्जन, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, परियोजना अधिकारी, डीपीएम, दोनों विभाग के सेक्टर सुपरवाइजर और सुपरवाइजर उपस्थित थे।

बैठक की शुरुआत में कलेक्टर ने कहा कि संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। जिले में 1 भी मातृ मृत्युदर और शिशु मृत्युदर नहीं होनी चाहिए। दोनों विभाग के अधिकारी कर्मचारी आपस में समन्वय कर कार्य करें। यदि कोई मृत्यु हुई तो जांच होगी। किसी भी कर्मी की सेवा में कमी या लापरवाही हुई तो उनके विरुद्ध कार्यवाही होगी। हाईरिस्क प्रेग्नेंट महिला और उसके पति को प्रसव के समय आने वाली दिक्कत खून का बहाव, खून की कमी, सामान्य प्रसव या ऑपरेशन से प्रसव आदि स्थिति के बारे में समझाए और प्रसव पीड़ा या गर्भ का समय पूर्ण होने की स्थिति में नजदीकी सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराएं।

कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने पोषण पुनर्वास केंद्र में अब तक सुपोषित बच्चों की स्थिति की जानकारी लेकर कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग कुपोषित बच्चों का चयन कर पोषण पुनर्वास केंद्र भेजें, वहीं दर्ज बच्चों को सारी सुपोषण दवा और पोषक आहार प्रदान करें।

कलेक्टर ने जिले में पुराने और नये टीबी मरीजों की जानकारी सुपरवाइजरों से लेकर निर्देश दिए कि, सभी अपने क्षेत्र के टीबी मरीजों को समझाये कि, वे जब किसी व्यक्ति के आसपास मौजूद होते हैं तो वे मास्क का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि टीबी और कुष्ठ रोग दोनों एक दूसरे के माध्यम से फैलता है इसलिए बच्चों सहित अन्य लोग खानपान में सावधानी रखें। सभी मरीजों को नियमित दवा खाने की समझाइश दें। टीबी और कुष्ठ बीमारी को खत्म करने के लिए सभी घरों में बीमार व्यक्ति से बच्चों को दूर रखें, जिले में 8 बच्चों को कुष्ठ बीमारी के लक्षण पाए गए हैं। कुष्ठ बीमारी के लक्षण आने में 3 से 5 साल का समय लगता है।

कलेक्टर ने कहा कि कैंसर से बचाव के लिए 15 वर्ष के बालिकाओं और अन्य इच्छुक महिलाओ को एचपीवी वैक्सीन लगाने के लिए पालकों को प्रेरित करें।कलेक्टर ने पीएम बाल संदर्भ चिरायु और पीएम मातृ वंदना योजना के अब तक हुए शिविर की जानकारी लेकर कहा कि पीएम मातृ वंदना योजना के अब तक 1883 को लाभ मिला है वहीं कुल 1981 में से 126 हितग्राहियों के सत्यापन और अप्रूवल लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकरण करें। स्कूल और बच्चों की सूची एक दूसरे को उपलब्ध कराएं। टीबी और कुष्ठ मुक्त जिला बनाने के लिए बेहतर प्लान के साथ कार्य करें।

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