सारंगढ़ बिलाईगढ़

पीएम श्री स्कूल सारंगढ़ में निशुल्क शिक्षा की जगह 1600 रु शुल्क की वसूली

स्कूल फीस 550 रु तो शाला विकास शुल्क 1000, वाह रे लूट

निशुल्क शिक्षा व्यवस्था में ₹550 का बढ़ा शुल्क

गरीब पालकों के शिक्षा की छूट का भरोसा हुआ तार तार

जिला शिक्षा अधिकारी को प्राचार्य का प्रभार, जबकि प्राचार्य स्कूल में मौजूद और काम देख रहा कोई तीसरा शिक्षक

सारंगढ़ बिलाईगढ़ न्यूज़/ कांग्रेस शासन काल में बना इंग्लिश मीडियम आत्मानंद स्कूल जहां अमीर गरीब सभी के बच्चे निशुल्क रूप से एक ही शिक्षा ग्रहण कर रहे थे भाजपा की सरकार आने के बाद भी स्कूली शिक्षा फीस निशुल्क रही मगर अब इस सत्र से शासन के नए निर्देशों के अनुसार अब निशुल्क रूप से पढ़ रहे बच्चों को साढे ₹500 550 रुपए शुल्क देने होंगे और हद तो तब हो जाती है जब इस स्कूल की शाला विकास समिति स्कूल फिर से दोगुना₹1000 राशि वसूल कर रही है।

गौरतलब हो कि आत्मानंद स्कूल में जब गरीब वर्ग के छात्रों ने एडमिशन लिया तब निशुल्क शिक्षा दी जा रही थी जिसे गरीब ग्रामीण किसान जैसे हर वर्ग ने अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाने की मनसा लिए आत्मानंद जो पीएम श्री स्कूल के नाम से जाना जाता है वहां प्रवेश दिलाए मगर अब एकाएक राज्य सरकार के आदेशों के बाद ₹550 शुल्क की वसूली कहीं ना कहीं इन छात्रों की शिक्षा और उनके परिवारों पर बड़ा बोझ है उनसे यह भी नहीं पूछा गया कि क्या वे उनके लिए तैयार हैं?

कहते हैं ना दुख के ऊपर दोहरा मार इस प्रकार 550 रुपए की शुल्क बढ़ोतरी के साथ ₹1000 शाला विकास शुल्क और फिर लगभग ₹100 आई कार्ड और अन्य खर्च के नाम पर इन गरीब बच्चों से वसूला जा रहा है आखिर प्रशासन शिक्षा को व्यापार बनते कैसे देख रहा है?

वैसे आत्मानंद और अब पीएम श्री स्कूल सारंगढ़ के दिन प्रतिदिन नए-नए बदलाव और कारनामे चर्चा का विषय बने हुए हैं पहले पूर्व प्राचार्य द्वारा छात्र-छात्राओं को पुस्तके ना मिलने और कई मदो को लेकर विवाद और शिकायतें अखबारों की सुर्खियां बनी और अब वर्तमान प्राचार्य के होते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को प्राचार्य का कार्य भार सौंप देना और उसके बाद किसी तीसरे शिक्षक के द्वारा उक्त कार्य को संपादित करना चर्चा का विषय बना हुआ है। धन्य है प्रशासनिक व्यवस्था और जिले के अधिकारी।

ऐसे में पुस्तके गायब होना शिक्षा व्यवस्था में मनमाना शुल्क जैसी घटनाएं होना आम बात है घोड़े का लगाम घुड़सवार नहीं जब किसी अन्य के हाथ में हो तो उसका खामियाजा तो भुगतना पड़ेगा ही कुल मिलाकर सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला मुख्यालय में शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर कई प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे हैं खासकर आत्मानंद पीएम श्री स्कूल सारंगढ़ ?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button