महानदी बैराज मिरौनी घाट में बोरे-बासी दिवस का भव्य आयोजन

यहां आयोजन केवल सांस्कृतिक उत्सव भी नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की परंपरा व संस्कृति की प्रतीक – चंद्रदेव राय
सारंगढ़ बिलाईगढ़ न्यूज़/ छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान को समर्पित “बोरे-बासी दिवस” का विधानसभा स्तरीय भव्य आयोजन महानदी बैराज (मिरौनी घाट) में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर हजारों की संख्या में किसान, मजदूर, दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग एवं सर्वहारा समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, खान-पान और परंपराओं के संरक्षण एवं सम्मान का संदेश दिया गया।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार ने सदैव “छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ी और छत्तीसगढ़िया” संस्कृति का सम्मान किया है। बोरे-बासी दिवस के आयोजन ने यह एहसास कराया कि प्रदेश की जनता आज भी अपनी मिट्टी, संस्कृति और मेहनतकश समाज के सम्मान के साथ खड़ी है।
कार्यक्रम में उपस्थित हजारों लोगों ने एक स्वर में किसान-मजदूर, दलित-शोषित, आदिवासी-पिछड़ों और सर्वहारा समाज की हितैषी सरकार बनाने के संकल्प को दोहराया।
यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता, स्वाभिमान और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया।




