सारंगढ़ बिलाईगढ़
रामनामी जनों की उपस्थिति में नेशनल अवार्ड विजेता रामनामी डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का प्रदर्शन

कलेक्टर ने रामनामी समुदाय के वरिष्ठजनों का किया सम्मान
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 2 अगस्त 2026/जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अनूठी पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने वाली राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित रामनामी समुदाय पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का विशेष प्रदर्शन सरसीवा थिएटर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय, पूर्व विधायक कामदा जोल्हे, गणमान्य नागरिक ज्योति लाल पटेल, जिला एवं ब्लॉक स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रामनामी समुदाय के लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
डॉक्यूमेंट्री में रामनामी समुदाय के इतिहास, इसकी स्थापना, समाज की अनूठी परंपराओं, धार्मिक आस्था, जीवन शैली तथा सांस्कृतिक विरासत को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसमें यह भी दिखाया गया कि रामनामी समुदाय का उद्भव कैसे हुआ, समाज के लोग अपने शरीर पर भगवान श्रीराम का नाम अंकित कर किस प्रकार अपनी आस्था का प्रदर्शन करते हैं तथा रामनामी मेले का आयोजन किस तरह होता है। मेले में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सामूहिक रामायण पाठ और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को भी डॉक्यूमेंट्री में सुंदर ढंग से चित्रित किया गया है।
डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन के बाद कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू एवं उपस्थित अधिकारियों ने रामनामी समुदाय के वरिष्ठजनों का श्रीफल, शॉल तथा रामायण ग्रंथ भेंट कर सम्मान किया। इस दौरान रामनामी समाज के लोगों ने भी जिला प्रशासन के इस सम्मान और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के प्रयासों की सराहना की।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कहा कि रामनामी समुदाय केवल सारंगढ़-बिलाईगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान है। इस समाज की परंपराएं, आस्था और जीवन मूल्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। 72वे राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त यह डॉक्यूमेंट्री सारंगढ़ बिलाईगढ़, सक्ति और जांजगीर चाम्पा जिले के लिए गर्व का विषय है और इससे देश-दुनिया के लोग रामनामी समाज की समृद्ध विरासत से परिचित होंगे।
कार्यक्रम में बिलाईगढ़ एसडीएम प्रफुल्ल रजक, सरसीवा तहसीलदार, डिप्टी कलेक्टर, पटवारी, विभिन्न विभागों के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में रामनामी समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। पूरे आयोजन का वातावरण श्रद्धा, सम्मान और सांस्कृतिक गौरव से ओतप्रोत रहा।
यह आयोजन जिले की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित इस डॉक्यूमेंट्री ने न केवल रामनामी समुदाय की ऐतिहासिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, बल्कि जिले की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान भी दिलाई।




