रामनामी समाज ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी अटूट राम भक्ति और समरसता को जीवित रखा है= संजय भूषण पाण्डेय

सारंगढ़=छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति एवं भक्ति परंपरा की एक अनूठी मिसाल यहां की रामनामी समाज ने कायम किया है।इस समुदाय ने अपनी सम्पूर्ण शरीर पर राम नाम गोदवा कर राम भक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश दिया है।रामनामी समाज की यह गौरवशाली परम्परा देश और दुनिया के लिए प्रेरणादायी है। उक्त उदगार आज जिला प्रशासन के द्वारा आयोजित रामनामी समाज डाक्यूमेंट्री फिल्म समारोह में उपस्थित जिले के रामनामी समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा।
जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय ने कहा कि रामनामी समाज ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी अटूट राम भक्ति और सामाजिक समरसता की परंपरा को जीवित रखा है। उन्होंने डाक्यूमेंट्री फिल्म की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी फिल्में हमारी विलुप्त होती लोक संस्कृति और परम्पराओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय ने फिल्म निर्माण से जुड़े पूरी टीम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकार एवं जिला प्रशासन स्तर पर लोक संस्कृति, कला और रामनामी समाज के संरक्षण और संवर्धन हेतु हरसंभव प्रयास किया जाना चाहिए।रामनामी समुदाय का जीवन और दर्शन सम्पूर्ण समाज के लिए त्याग,निष्ठा और भक्ति का प्रेरणापुंज है। कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय ने रामनामी समुदाय के बड़े बुजुर्ग,कलाकारों को मंच पर श्री राम चरित मानस और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।आज के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय,जिला कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू,जिला प्रशासन के अधिकारीगण,रामनामी समुदाय के भक्तगण भारी संख्या में उपस्थित रहें।




