वीबीजीरामजी से बने डबरी, अब किसानों की तरक्की का आधार

खेतों में पानी और आय में बढ़ोतरी की नई राह*
सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में होगा 25 करोड़ लीटर वर्षा जल का संचय
300 एकड़ कृषि भूमि को मिलेगा सिंचाई का लाभ
सारंगढ़, 2 सितंबर 2026/कभी बारिश के बाद बहकर व्यर्थ चला जाने वाला पानी अब किसानों के लिए समृद्धि का आधार बन रहा है। जिले में विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत कराए जा रहे डबरी निर्माण से जल संरक्षण के साथ किसानों को खेती और आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं।
कलेक्टर पदमिनी भोई साहू के कुशल निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ ऋषिकेश तिवारी के मार्गदर्शन में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से डबरी निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है।
*319 डबरियों की स्वीकृति, 200 का निर्माण पूर्ण*
योजना के अंतर्गत जिले में 319 हितग्राहियों के लिए डबरी निर्माण स्वीकृत किया गया है। इनमें जनपद पंचायत बरमकेला में 103, बिलाईगढ़ में 132 और सारंगढ़ में 84 डबरियां शामिल हैं। इनमें से 200 डबरियों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष कार्य प्रगति पर है।
*बारिश का पानी अब खेतों के काम आएगा*
निर्मित डबरियों में लगभग 25 करोड़ लीटर वर्षा जल का संधारण किया जाएगा। यह पानी जरूरत के समय सिंचाई के लिए उपयोग होगा, जिससे लगभग 300 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
डबरी में पानी रुकने से भू-जल पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों को खरीफ के साथ गर्मी के मौसम में भी सब्जियों एवं अन्य फसलों की खेती करने का अवसर मिलेगा, जिससे अतिरिक्त आमदनी के रास्ते खुल रहे हैं।
*सिंचाई के साथ मछली पालन से भी बढ़ेगी आय*
डबरियां किसानों के लिए केवल जल संरक्षण की संरचना नहीं, बल्कि बहुआयामी आजीविका का साधन बन रही हैं। संचित पानी का उपयोग सिंचाई के साथ मछली पालन में भी किया जा रहा है। इससे किसान अपनी ही भूमि पर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे।
*रोजगार के साथ बनी स्थायी परिसंपत्ति*
डबरी निर्माण से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिला है। हितग्राहियों को अपनी भूमि पर काम के दौरान रोजगार प्राप्त होने के साथ ऐसी स्थायी परिसंपत्ति मिली है, जो आने वाले वर्षों में खेती और आजीविका को सहारा देगी। इस पहल से जिले में जल संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण, कृषि सिंचाई, रोजगार और किसानों की आय में वृद्धि—इन सभी क्षेत्रों में एक साथ सकारात्मक बदलाव की नींव तैयार हो रही है।




