सारंगढ़ बिलाईगढ़

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में जल संरक्षण की बड़ी पहल, तालाबों में संचित होगा 110.04 करोड़ लीटर वर्षा जल

तालाबों के गहरीकरण एवं नए तालाब निर्माण से 1092 एकड़ कृषि भूमि को मिलेगा सिंचाई का लाभ

ग्रामीणों को निस्तारी सुविधा के साथ रोजगार, भू-जल संवर्धन और आजीविका को भी मिलेगा बढ़ावा

सारंगढ़, 2 सितंबर 2026/जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब धरातल पर सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। विकसित भारत-जी राम जी योजना के माध्यम से तालाबों के गहरीकरण एवं नए तालाबों के निर्माण से बारिश की बूंदों को सहेजने का कार्य बड़े स्तर पर किया जा रहा है। जिले में स्वीकृत 168 जल संरचनाओं के माध्यम से 110.04 करोड़ लीटर वर्षा जल का संधारण किया जा रहा है। इससे लगभग 1092 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध होने की संभावना है।

जिले की तीनों जनपद पंचायतों में जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। बरमकेला में 73, बिलाईगढ़ में 36 तथा सारंगढ़ में 59 तालाब गहरीकरण एवं नए तालाब निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुके हैं और बारिश के बाद कई तालाब पानी से लबालब भर गए हैं। इससे ग्रामीणों में खुशी है और आगामी गर्मी में पानी की समस्या कम होने की उम्मीद बढ़ी है।

*खेती के साथ भू-जल स्तर को भी मिलेगा सहारा*

तालाबों में वर्षा जल के संचयन से किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल स्रोत उपलब्ध होगा। वहीं जल संरचनाओं में पानी के भंडारण से भू-जल स्तर के संवर्धन में भी मदद मिलेगी। इससे कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीणों की आजीविका मजबूत होने की संभावना है।

*जल संरक्षण के साथ ग्रामीणों को मिला रोजगार*

“मोर गांव-मोर पानी” महाअभियान के तहत ग्राम सभाओं की सहभागिता से स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन किया गया। तालाब निर्माण एवं गहरीकरण के दौरान ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिला तथा मजदूरी का भुगतान डिजिटल माध्यम से सीधे बैंक खातों में किया गया। इस प्रकार जल संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली।

*निस्तारी सुविधा में हुआ सुधार*

तालाबों में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से ग्रामीणों को निस्तारी, नहाने-धोने तथा मवेशियों के लिए पानी की सुविधा में राहत मिल रही है। आने वाले समय में ये जल संरचनाएं गांवों में जल संकट कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

कलेक्टर पदमिनी भोई साहू के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ ऋषिकेश तिवारी के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य निरंतर आगे बढ़ाए जा रहे हैं। बारिश की हर बूंद को सहेजने की यह पहल सिंचाई, भू-जल संवर्धन, रोजगार और ग्रामीण आजीविका को एक साथ मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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