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सारंगढ़ रथयात्रा ‘बड़े मठ’ में रचा गया इतिहास, चार प्रमुख संगठनों के अध्यक्षों ने एक साथ निभाई ‘छेरा-पहरा’ की रस्म

झमाझम बारिश भी नहीं दिखा पाया आस्था, 100 वर्ष पुरानी रथ यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति

सारंगढ़।सारंगढ़ के ऐतिहासिक व लगभग 100 वर्ष प्राचीन ‘बड़े मठ मंदिर’ की जगन्नाथ रथयात्रा इस वर्ष एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक संयोग की साक्षी बनी, जहां नगर के चार प्रमुख संगठनों के अध्यक्षों ने एक साथ मिलकर भगवान के रथ के समक्ष ‘छेरा-पहरा’ की पावन रस्म अदा की। झमाझम बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और उत्साह चरम पर रहा।

सारंगढ़ रथयात्रा 2026: मुख्य आकर्षण एवं ऐतिहासिक संयोग
इस वर्ष की रथयात्रा इसलिए विशेष और स्मरणीय बन गई क्योंकि इतिहास में पहली बार नगर के चार अत्यंत महत्वपूर्ण संगठनों के शीर्ष नेतृत्व ने एक मंच पर आकर भगवान जगन्नाथ की सेवा की।

‘छेरा-पहरा’ की रस्म निभाने वाले चार प्रमुख व्यक्तित्व :-
पारंपरिक सोने की झाड़ू से रथ की सफाई करने की पवित्र ‘छेरा-पहरा’ रस्म को इन चार प्रमुख अध्यक्षों ने पूरी श्रद्धा के साथ संपन्न किया। जिसमें
श्री सूरज तिवारी – अध्यक्ष, श्री गोपाल जी धर्मादा ट्रस्ट (बड़े मठपारा, सारंगढ़), श्री संजय पाण्डेय – अध्यक्ष, जिला पंचायत सारंगढ़-बिलाईगढ़ (एवं प्रदेश जिला पंचायत अध्यक्ष संघ), श्री राकेश शुक्ला – अध्यक्ष, भगवान परशुराम सेवा समिति (सारंगढ़), श्री विजय कुमार तिवारी – अध्यक्ष, जिला अधिवक्ता संघ (सारंगढ़-बिलाईगढ़)

वर्षा की बौछारों के बीच उमड़ा आस्था का सैलाब – प्राकृतिक बाधाओं को दरकिनार करते हुए, झमाझम बारिश के बीच भी भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था।

नगर भ्रमण:- भगवान श्री जगन्नाथ, अपने अग्रज भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विशाल व सुसज्जित रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले।

भक्तिमय वातावरण:- ‘जय जगन्नाथ’ के गगनभेदी जयघोष और पारंपरिक भजनों की धुनों से पूरा सारंगढ़ भक्ति के रंग में सराबोर हो गया।

प्रमुख मार्ग सजे:- रथयात्रा नगर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी, जहां जगह-जगह श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर भगवान का स्वागत किया और आशीर्वाद लिया।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति –
इस ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान में सामाजिक, राजनीतिक और पत्रकारिता जगत के कई गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई जिनमें नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष अमित तिवारी वार्ड पार्षद, श्री गोपाल जी धर्मादा ट्रस्ट के सचिव अतुल्य यादव, श्रमजीवी पत्रकार संघ के ब्लॉक अध्यक्ष गोपेश द्विवेदी, मनोज मिश्रा, दिनेश थवाईत, एल.पी. देवांगन सहित बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु शामिल रहे। यह रथयात्रा न केवल धार्मिक आस्था का पर्व रही, बल्कि इसने सारंगढ़ में सामाजिक समरसता, आपसी सौहार्द और जनसहभागिता की एक नई और अनूठी मिसाल पेश की, जो लंबे समय तक नगरवासियों के मानस पटल पर अंकित रहेगी।

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