“केजरी राइसमिल में पलारी जलाने के कारण लगी भीषण आग”

सारंगढ़ बिलाईगढ़ न्यूज़/ सारंगढ़ शहर से महज 4 किलोमीटर दूर ग्राम कटेली में स्थित केजरी राइसमिल में भीषण आग लग गई। आग़ इतनी भयावह थी कि नपा, होमगार्ड रायगढ़, अडानी पावर और लारा कंपनी की चार दमकल भी 6 घंटे तक आग को काबू नहीं कर पाई। धू धू कर धान के बारदने और धान जलते रहे। धुओं का गुब्बारा आसमान में उड़ता रहा।

गौरतलब हो की यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है जब लापरवाही के कारण बड़ा नुकसान हो। सूत्रों के अनुसार केजरी राइसमिल के दीवाल से लगे बगल के खेत में नरवाई (पराली) जलाने के दौरान उठी चिंगारी ने राइस मिल और उसमें रखे करोड़ों रु के धान के छल्ले और बारदाने को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटों के बढ़ने के बाद लगभग दोपहर 1:00 बजे काम कर रहे हमालों और मजदूरों ने अपने मालिकों को तत्काल सूचना दी। देखते ही देखते आसपास के राइस मिलर चेंबर समाजसेवी ग्रामीण और गणमान्य जन मौके पर उपस्थित हुए, प्रशासन पूरी तरह से बिना समय गंवाए अलर्ट मोड में था जिला प्रशासन ने रायगढ़ से दमकल गाड़ियों को मंगवाकर आग को काबू पाने में अंत तक जद्दो जहद की और लगभग रात्रि 9:00 बजे किसी तरह आग को बुझाया गया।
लापरवाही की आग – खेत में पराली जलाना राइस मिल को पड़ा भारी, लाखों करोड़ों के नुकसान होने की जांच जारी है।
अनियंत्रित स्थिति – हवा की गति तेज होने के कारण आग की लपटें सीधे राइस मिल के परिसर और बारदाने के ढेर तक पहुँच गईं।नुकसान: मिल में डंप किया गया धान और भारी मात्रा में रखे प्लास्टिक/जूट के बारदाने पूरी तरह जल गए हैं।
प्रशासन अब खेत मालिक और मिल प्रबंधन के सुरक्षा मानकों की जांच कर रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खेत की आग पर नियंत्रण नहीं रखा गया, जिससे उड़ने वाली चिंगारियों ने मिल के बाहरी हिस्से में रखे सामान को पकड़ लिया। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे खेतों में आग न लगाएं, क्योंकि यह न केवल पर्यावरण बल्कि संपत्ति के लिए भी बड़ा खतरा है।”
जिला प्रशासन की पहल से सारंगढ़ नगर पालिका के अतिरिक्त होमगार्ड रायगढ़ लारा एवं अदानी पावर की चार दमकल और उनके साथ एक्सपर्ट कर्मचारी और फोर्स 5 से 6 घंटे निरंतर आग बुझाने में लगे हुए थे उसके बाद भी आज पर काबू पाना एक बड़ी मशक्कत का सबब बना हुआ था वैसे आग बुझाने के दरमियान प्रशासन को चार दमकल की गाड़ियों को भरने में पर्याप्त पानी की व्यवस्था कमजोर दिखाई पड़ी जहां नजदीक में ही रानी सागर से छाबड़ा बोरवेल्स के बोर से पानी का भराव किया जा रहा था, जिसमें काफी समय लग गया। समय रहते ही प्रशासन को दमकल गाड़ियों को भरने के लिए फोर्स वाले बोर की व्यवस्था भी करके रखनी चाहिए। लगभग दोपहर 1:00 बजे से रात 9:00 बजे तक चल रहे इस आगजनी की घटना के दरमियान जिला खाद्य अधिकारी गणेश कुर्रे, खाद्य निरीक्षक तरुण नायक, खाद्य विभाग के टीम तहसीलदार एसके सिन्हा, नायब तहसीलदार प्रकाश पटेल, खनिज विभाग, नगर पालिका, होमगार्ड एवं प्रशासनिक अमला अंत तक डाटा रहा।
प्रशासन और खनिज विभाग ने किया ईट भट्टों पर कार्यवाही 2 लाख की पेनल्टी – आग बुझाने के दरमियान राइस मिल से लगे बड़े-बड़े ईट भट्टे को प्रशासन ने देखा और सुरक्षा की दृष्टि से तुरंत उनकी जांच की गई। मौके पर खनिज विभाग के निरीक्षक दीपक पटेल एवं नव नियुक्त निरीक्षक चंद्राकर मौके पर पहुंचे। जहां नायब तहसीलदार प्रकाश पटेल के साथ उन्होंने जांच कार्यवाही की जहां अवैध रूप से लाल ईट भट्टे लगे हुए थे, जो किसी संतोष साव के जमीन में मध्य प्रदेश के मजदूरों ने किराए पर लिया था, मजदूरों से जब उनकी आईडी पहचान पत्र या प्रशासन को सूचना की बात पूछी गई तो उनके पास कुछ भी नहीं था, अधिकारियों ने लगभग ₹200000 की पेनल्टी लगाते हुए संतोष साहू को सामान की सुपुर्द की दी और डायवर्सन करने के निर्देश भी दिए। प्रशासन ने ऐसे लोगों को किराया देने पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं वहीं खनिज विभाग ने बाकी की जांच कार्यवाही की।




