जी राम जी योजना: जिले की 348 पंचायतों में मनाया गया ‘रोजगार दिवस’

तारन प्रकाश सिन्हा आयुक्त मनरेगा द्वारा प्रदेश में क्यूआर कोड के नवाचार की पहल
सीईओ ऋषिकेश तिवारी ने रोजगार सहायकों की मैराथन बैठक ली
अधिकारियों ने संभाली कमान, सीईओ ऋषिकेश तिवारी के मार्गदर्शन में एपीओ गुप्ता पहुंचे पंचायत तक
सारंगढ़ बिलाईगढ़ न्यूज़/सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में पंचायती राज व्यवस्था के तहत शासन की सबसे महत्वाकांक्षी ‘जी राम जी’ योजना के जरिए ग्रामीणों और मजदूरों को रोजगार से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अभियान छेड़ा है। जिला पंचायत सीईओ ऋषिकेश तिवारी के मार्गदर्शन में जिले की सभी 348 पंचायतों में ‘रोजगार दिवस’ का आयोजन किया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और योजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति मिली है।
अभियान को धरातल पर प्रभावी बनाने के लिए जिला पंचायत सीईओ ऋषिकेश तिवारी ने अधिकारियों और रोजगार सहायकों की 4 से 5 घंटे की मैराथन बैठक ली। देर शाम बिजली गुल हो जाने के बाद भी यह बैठक अनवरत जारी रही, जिसमें एक-एक पंचायत के कार्यों की गहन समीक्षा की गई और जमीनी स्तर पर प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। सीईओ के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए जी राम जी एपीओ शशिकांत गुप्ता और पीओ युवराज पटेल ने सारंगढ़ की कई पंचायतों का सघन दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
इस बार का ‘रोजगार दिवस’ प्रदेश भर में किए गए एक खास तकनीकी नवाचार के लिए भी चर्चा में रहा। राज्य शासन के मनरेगा अधिकारी तारण प्रकाश सिन्हा आयुक्त छत्तीसगढ़ शासन की इस नवाचारी पहल के तहत सभी पंचायतों के लिए एक विशेष क्यूआर कोड जारी किया गया है। रोजगार दिवस के अवसर पर ग्रामीणों को इस क्यूआर कोड की जानकारी दी गई, जिसे स्कैन करते ही पंचायत में चल रहे निर्माण कार्यों, रुके हुए कार्यों, मजदूरी मूलक योजनाओं और भुगतान की स्थिति जैसी तमाम जानकारियां एक ही क्लिक पर पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो जाती हैं।
आयोजन के दौरान पंचायतों में पहुंचे अधिकारियों ने सीधे मजदूरों से संवाद स्थापित किया। बैठक में चल रहे कार्यों की प्रगति, बकाये व जारी किए गए भुगतान के विवरण पर चर्चा की गई, साथ ही आगामी दिनों में मजदूरों की जरूरत के अनुसार नए कार्यों की मांग भी दर्ज की गई। जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन, सीईओ ऋषिकेश तिवारी के कुशल नेतृत्व और विभागीय अधिकारियों व रोजगार सहायकों के मैराथन प्रयासों से जिले में ग्रामीणों को शत-प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक सशक्त और पारदर्शी व्यवस्था कायम हो रही है।




