चकरदा जलाशय होने के बावजूद पानी के लिए तरस रहे किसान, धान की फसल पर संकट

25 दिनों से बारिश नहीं, नहर जाम होने से सिंचाई बाधित; कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन के बाद भी समाधान का इंतजार
चकरदा । सरसींवा अंचल में पिछले 20 से 25 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। तेज धूप और गर्मी से खेतों की नमी सूखने लगी है तथा धान की फसल पर संकट मंडराने लगा है। वहीं, सरसींवा तहसील से लगे ग्राम चकरदा में जलाशय होने के बावजूद नहर जाम होने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे करीब 30 एकड़ धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है।
किसानों के अनुसार, नहर में मिट्टी जमा होने और चुहरी खार मार्ग पर बने पुल के नीचे पानी का प्रवाह बाधित होने से खेतों तक जलाशय का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। धान की बालियां निकलने के समय फसल को पर्याप्त पानी की जरूरत है, लेकिन बारिश नहीं होने और सिंचाई की व्यवस्था बाधित होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
कलेक्टर जनदर्शन में दिया आवेदन, फिर भी समाधान का इंतजार
नहर की सफाई, मरम्मत और पुल के नीचे जमा मिट्टी हटाने की मांग को लेकर किसान पूर्व में जिला कलेक्टर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के जनदर्शन में आवेदन दे चुके हैं। इसके बावजूद किसानों का कहना है कि अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। एक ओर बारिश की बेरुखी और दूसरी ओर जलाशय का पानी खेतों तक नहीं पहुंचने से किसानों के सामने धान की फसल बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग
किसान तालाब, डबरी और अन्य जलस्रोतों से पानी की व्यवस्था कर फसल बचाने का प्रयास कर रहे हैं। किसानों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित सिंचाई विभाग से नहर की तत्काल सफाई और मरम्मत कराने, पुल के नीचे पानी का प्रवाह सुचारु करने तथा चकरदा जलाशय का पानी खेतों तक पहुंचाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फिर सकता है।




