नारी शक्ति वंदन अधिनियम, ऐतिहासिक सुधार जो राजनीतिक स्वार्थ के कारण पूरा नहीं हुआ-नजमा अजीम,भाजपा ने महिला नैतिकता पर की प्रेस वार्ता नारी शक्ति वंदन अधिनियम, ऐतिहासिक सुधार जो राजनीतिक साक्ष्य के कारण पूरा नहीं हुआ-नजमा अजीम

सारंगढ़ न्यूज़/आज सारंगढ़ के जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा की सदस्य नजमा अजीम ने कहा कि भारतीय संस्कृति के हजारों इतिहास के साथ ही भारत लोकतंत्र की जननी है। भारत के पास इस यात्रा में एक नया बैंड जोड़ने का मौका था। हम देश की विशाल आबादी को नीति-निर्धारण की प्रक्रिया में सक्रिय सहयोगी बनाने के लिए यह नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश किया गया था। हमने सभी कंकालों से आग्रह किया था कि वे इस मशीन को हाथ से न जाने दें। हम सब मिलकर देश को एक नई दिशा देने के लिए तैयार थे। यह भारत की नारी शक्ति का एक महायज्ञ था। हमारा विश्वास था कि इस महायज्ञ का परिणाम न केवल राजनीति का भविष्य है बल्कि देश की दिशा और नियति भी तय होगी। लेकिन, 30 साल तक राजनीतिक क्षेत्र में हमारी महिलाओं की भागीदारी देने में देरी करने वाली सावंती नामांकन ने एक बार फिर इस देश की महिलाओं को निराश किया है। उन्होंने देश को निराश किया। अपनी राजनीतिक जमीन में डूबे रहने की स्थिति में, व्यक्तित्व का चरित्र एक बार फिर सामने आया और महिलाओं के हितों को एक बार फिर से अलग कर दिया गया। हमारी दादी ने इसका इंतजार किया था। हमारी मुर्गी ने इसकी उम्मीद की थी। मेरी बेटी ने इस क्षण का इंतजार किया था। कांग्रेस और उनके साथियों ने आपकी बेटी का 30 साल से इंतजार किया। इसके बारे में इस आर्टिकल में नहीं बताया गया है। यह भारतीय घर की इज्जत के बारे में है जो अंततः लोकतंत्र के मंदिर तक पहुंच रहा है। हमें इस विषय को लेकर स्पष्ट होना चाहिए कि नामांकन ने क्या होने से सीखा है। उन्होंने भारतीय महिलाओं के पॉलिटिकल रिप्रजेंटेशन (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) को सबसे ऊंचे स्तर पर ख़त्म कर दिया है। उन्होंने हमारे देश की महिलाओं को टेबल पर बैठकर मीटिंग से रोककर अपने राजनीतिक सहयोगियों की रक्षा की। कांग्रेस में शामिल महिला विरोधी चेहरे के साथ एक बार फिर बे नकाब हो गया है, जिसमें बीजेपी ने महिला रैली भी निकाली और यह विरोध प्रदर्शन करने वाली महिला के पास होता हुआ तक जारी रहेगा। प्रेस वार्ता में जूलियट ज्योति पटेल भुवन मिश्रा महिला मोर्चा से केरा बाई मनहर शिव कुमारी भंडारी रागिनी केशरवानी रविता भारद्वाज रामशीला मधुशाला रिचा चंद्रा केसर चंद्रा भारत जाटवर प्रकाश चिंता अग्रवाल परिमल चंद्रा अहिल्या सहित कई अन्य नेता व पत्रकार गणों की उपस्थिति रही व कॉमर्स प्रदर्शन रागिनी केशरवानी द्वारा आयोजित की गई।




