सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के 88 बच्चों ने कुपोषण को दी मात, हुए सुपोषित

154 आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चे कुपोषण मुक्त
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 18 अगस्त 2026/कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला सारंगढ़- बिलाईगढ़ द्वारा जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत कुपोषित बच्चों की पहचान, नियमित निगरानी, स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण संबंधी परामर्श तथा आवश्यक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए लगातार कार्य किया जा रहा है। अभियान के प्रथम चरण में जून 2026 में पोषण ट्रैकर एप में उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर जिले के लगभग 200 आंगनबाड़ी केन्द्रों का चिन्हांकन किया गया। पर्यवेक्षकों के माध्यम से इन केन्द्रों का सत्यापन कराया गया, जिसके बाद 175 आंगनबाड़ी केन्द्रों की अंतिम सूची तैयार की गई।
इन केन्द्रों में कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी एवं फॉलोअप के साथ उनके पालकों को बच्चों के पोषण, खान-पान एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी और उचित परामर्श दिया गया। संबंधित अधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पालकों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इन सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया। जुलाई 2026 तक चयनित 175 आंगनबाड़ी केन्द्रों में से 82 केन्द्रों के 88 बच्चे कुपोषण से बाहर निकलकर सुपोषण की श्रेणी में पहुंच चुके हैं। वहीं पूर्व में कुपोषण मुक्त किए गए 72 आंगनबाड़ी केन्द्रों को शामिल करने के बाद जिले में कुल 154 आंगनबाड़ी केन्द्र कुपोषण मुक्त हो चुके हैं।
अभियान के दौरान जिले के 15 ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र, जहां कुपोषित बच्चों की संख्या सर्वाधिक थी, उन्हें विशेष निगरानी में लिया गया। इन केन्द्रों की निगरानी का दायित्व रेडक्रॉस सोसायटी को सौंपा गया। अति गंभीर कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराया गया।
कुपोषण के खिलाफ इस अभियान को केवल आंगनबाड़ी केन्द्रों तक सीमित न रखते हुए परिवार और समुदाय की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई। जिले में आयोजित ‘सास-बहू सम्मेलन’ के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और संतुलित आहार को लेकर परिवार के सदस्यों को जागरूक किया गया। इसके साथ ही बाल संदर्भ शिविरों का आयोजन कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक उपचार की व्यवस्था की गई। एनीमिया एवं कुपोषण के विरुद्ध स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग संबंधित अमले द्वारा समन्वित रूप से लगातार कार्य किया जा रहा है।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य एवं सराहनीय योगदान के लिए सुनीता पटेल, पर्यवेक्षक, भटगांव को 15 अगस्त 2026 को सम्मानित किया गया।अभियान के दौरान उनके द्वारा कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं पालकों को मार्गदर्शन तथा बच्चों को सुपोषित श्रेणी में लाने के लिए किए गए प्रयास उल्लेखनीय रहे। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कुपोषण के खिलाफ चलाया जा रहा यह अभियान इस बात का उदाहरण है कि नियमित निगरानी, स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण परामर्श और परिवार की सक्रिय भागीदारी से बच्चों के पोषण स्तर में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
आगे भी कुपोषण से मुक्ति के लिए सभी मिलकर करेंगे काम : कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कहा कि कुपोषण से मुक्ति केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिले में कुपोषित बच्चों की पहचान, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण संबंधी परामर्श और निरंतर निगरानी के माध्यम से सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। 88 बच्चों का कुपोषण से सुपोषण की श्रेणी में पहुंचना और 154 आंगनबाड़ी केन्द्रों का कुपोषण मुक्त होना हमारे लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारा प्रयास है कि कोई भी बच्चा कुपोषण की स्थिति में न रहे। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मैदानी अमले तथा बच्चों के पालकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। आगे भी इसी समन्वित प्रयास के साथ जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाएगा।”




