सरसींवा तहसील लोक सेवा केंद्र बना वसूली का अड्डा

सरसींवा – सरसींवा तहसील आफिस में लोक सेवा केंद्र वसूली का अड्डा बन चूका है यहाँ भोले भाले किसानो और छात्र छात्राओं से जाति निवास आय के लिए सरकार के निर्धारित मूल्य से ज्यादा राशि उगाही की जाती है जहाँ इनके मुताबिक राशि ना दी जाये तो ऑब्जेक्शन लगा के नियम कायदा कानून की दुहाई देते हुए आवेदन निरष्ट करने के धमकी देके मोटी राशि उगाही की जाति है
जिसमें लोक केंद्र के साथ तहसील कार्यालय के कर्मचारी और अधिकारी अपनी कमीशन भी तय कर लेते है ताकि शिकायत आने पर भी आँख मुंध लेते हैँ इसलिए लोक सेवा केंद्र में ये अवैध वसूली का धंधा फल फूल रहा है.
इस पर क्या कहते हैँ उच्च अधिकारी और जनप्रतिनिधि
इसमें जो भी गलत किया या अवैध वसूली की जा रही हैँ उसपर जाँच सही पाये जाने पर कार्यवाही की जाएगी
एस. डी. एम बिलाईगढ़।
प्रशाशन जनहित मे कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी हम प्रशासन से मांग करते हैँ की जनता के ऊपर छालावा ना हो जनहित के मुद्दे पर किसी कमेटी की नहीं सब की उम्मीद है जो निर्धारित मूल्य या सरकारी मूल्य से अधिक लेता है उस पर उचित और कठोर कार्यवाही हो
ताराचंद देवांगन
जिला अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी सारंगढ़ – बिलाईगढ़
घोर निंदनीय और पूरी तरह अवैध ठगी!चॉइस केंद्र द्वारा सरकार की ओर से निर्धारित शुल्क से कहीं अधिक शुल्क वसूलना न केवल शर्मनाक है, बल्कि खुले आम छात्रों और अभिभावकों के साथ लूट और ठगी है। यह सरकारी नियमों की धज्जियाँ उड़ाने का सबसे घिनौना उदाहरण है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है। यह सरासर अवैध, अनैतिक और दंडनीय अपराध है।मेरा स्पष्ट आग्रह है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जो निश्चित शुल्क निर्धारित किया गया है, ठीक उतना ही लिया जाए। चॉइस केंद्र द्वारा निर्धारित शुल्क से एक पैसा भी अधिक वसूलना तुरंत बंद किया जाए। कोई भी अतिरिक्त शुल्क, “डोनेशन”, “प्रोसेसिंग फीस”, “विकास शुल्क” या किसी भी नाम से ली जाने वाली राशि पूरी तरह अवैध मानी जाए और तत्काल वापस की जाए।
संबंधित चॉइस केंद्र को स्पष्ट आदेश दिया जाए कि वे सरकारी निर्धारित शुल्क से एक भी रुपया ज्यादा न वसूलें। यदि कोई अभिभावक पहले ही अधिक शुल्क दे चुका है, तो उसे तुरंत और बिना किसी ब्याज या कटौती के पूरा पैसा वापस किया जाए।यह न केवल छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि सरकारी नीतियों और न्याय व्यवस्था का भी अपमान है। ऐसे लूटेरों को तुरंत चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाए — जुर्माना, लाइसेंस रद्द करना और कानूनी दंड — ताकि कोई भी चॉइस केंद्र भविष्य में ऐसी हिम्मत न कर सके।सरकार, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से मेरी माँग है —
तुरंत हस्तक्षेप करें, निर्धारित शुल्क से ज्यादा वसूली रोकें और अतिरिक्त वसूली की गई राशि वापस दिलवाएँ।
वेद राम जांगड़े
प्रदेश प्रवक्ता भाजपा




